कलेक्टर चुपचाप अचानक मंदिर पहुंचे, जिलाध्यक्ष दस्तखत करना भूले ... !
उज्जैन। सोमवार की सुबह वाली भस्मार्ती में कलेक्टर अचानक मंदिर पहुंच गये। बगैर किसी सूचना के। उन्होंने बारीकी से भस्मार्ती की व्यस्थाओं का निरीक्षण किया। इधर आज भाजपा प्रत्याशी ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। जहां पर प्रत्याशी के अभिकर्ता जिलाध्यक्ष दस्तखत करना भूल गये। वह सीएम के साथ सर्किट हाऊस के लिए रवाना हो गये। नतीजा उनको फोन करके बुलाया गया।
सभी को पता है। आगजनी की घटना के बाद प्रशासन सदमे में है। मंदिर की व्यवस्थाओं को सुधारने हेतु हर रोज नवाचार किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार की अलसुबह कलेक्टर नीरजसिंह मंदिर पहुंच गये। उनका यह औचक निरीक्षण था। जिसकी खबर किसी को भी नहीं थी। कलेक्टर ने मंदिर में भस्मार्ती की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। चुप रहेंगे डॉटकॉम ने उनसे इस निरीक्षण को लेकर सवाल किया। जिस पर कलेक्टर का कहना था। प्रोटोकॉल के तहत आ रहे भक्तों द्वारा मोबाइल का उपयोग किया जा रहा है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है।

महाकाल की गाथा ...
कलेक्टर श्री सिंह ने बताया। भस्मार्ती के लिए श्रद्धालु 2-2 घंटे पहले आ जाते है। इंतजार करते है। ऐसे में होल्ड अप एरिया में जल्दी ही बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाई जायेंगी। जिसमें महाकाल की गाथा से लेकर दिनभर में होने वाली आरतियों का क्या-क्या महत्व है। इसकी जानकारी महाकाल भक्तों को दी जायेंगी। कारण ... 2-2 घंटे इंतजार करते हुए भक्तगण परेशान होते रहते है। उनको इंतजार के दौरान महाकाल की गाथा और उसका महत्व समझाने के लिए यह स्क्रीन लगवाई जायेंगी।
चुपचाप निकल गये ...
आज भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया ने अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद थे। इसके अलावा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, डॉ. तेजबहादुरसिंह चौहान, जिलाध्यक्ष विवेक जोशी व बहादुरसिंह बोरमुंडला भी मौजूद थे। जबकि कक्ष के बाहर विधायक सतीश मालवीय व चितामण मालवीय भी नजर आये। यहां पर नामांकन दाखिल करते ही मुख्यमंत्री तत्काल सर्किट हाऊस के लिए रवाना हो गये। उनके साथ जिलाध्यक्ष विवेक जोशी भी निकल गये। जबकि वह प्रत्याशी के अभिकर्ता (एजेंट) है। नियमानुसार उनके कुछ जगह दस्तखत होने थे। मगर वह सीएम के साथ वाहन में बैठने के चक्कर में चुपचाप निकल गये।

फोन करके बुलाया ...
भाजपा जिलाध्यक्ष श्री जोशी भले ही चुपचाप निकल गये थे। मगर जाने से पहले उनको नाम निर्देशन प्रस्तुत करने के बाद, अभ्यर्थी को दी जाने वाली सामग्री लेनी थी। 15 बिंदुओं वाली सामग्री। यह सामग्री अभ्यर्थी के एजेंट को ही दी जाती है। जिसके लिए हस्ताक्षर करना होते है। इस गलती को सुधारने के लिए तत्काल उन तक दूरभाष पर सूचना पहुंचाई गई। जिसके बाद श्री जोशी 2 बजकर 44 मिनिट पर वापस प्रशासनिक संकुल पहुंचे। फिर उस कक्ष में पहुंचे। जहां नामांकन दाखिल किया था। वहां पहुंचकर उन्होंने पावती पर दस्तखत किये और सामग्री ली। (देखे चित्र)
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