मेरे दिमाग में वो सब नाम है: उस समय कौन-कौन थे ...!
उज्जैन। शिप्रा शुद्धिकरण को लेकर मुख्यमंत्री किस कदर गंभीर है। इसकी बानगी रविवार को हुई बैठक में उनके तेवरों में नजर आई। जब उन्होंने अफसरशाही की पोल खोलते हुए कहा कि ... मेरे दिमाग में वो सब नाम है: उस समय कौन-कौन थे ...!
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बैठक में साबित कर दिया। अब धांधली नहीं चलेगी। किस तरीके से पिछले कई सालों से शिप्रा शुद्धिकरण के नाम पर उज्जैन की जनता को मुर्ख बनाया जा रहा था। करोड़ों रूपये खर्च दिखाये गये। मगर शिप्रा आजतक आचमन योग्य तो दूर, डूबकी लगाने के लायक भी नहीं हो पाई। तभी तो बैठक में यह बोलने पर मजबूर हो गये। मुझे पता है कि ... कौन-कौन अधिकारी उस समय मौजूद थे।

99 करोड़ ...
मुख्यमंत्री के तेवर से नौकरशाह अचंभित थे। मगर अपने गृहनगर की मां शिप्रा नदी की दुर्दशा, नौकरशाही पर अंकुश लगाकर ही सुधारी जा सकती है। तभी तो मुख्यमंत्री ने 2016 से पहले की कान्ह नदी योजना पर सवाल उठा दिया। जिस पर 99 करोड़ रूपये खर्च किये गये थे। तब दावा किया गया था। शिप्रा नदी का पानी आचमन योग्य होगा। मगर हालात और खराब हो गये। आचमन तो छोडिये... नहाने योग्य शिप्रा नदी नहीं है। अभी-अभी नवागत कलेक्टर नीरजसिंह ने भी इस पर मोहर लगा दी। यह कहकर कि ... पानी आचमन योग्य भी नहीं है। इसीलिए मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में नौकरशाही को संदेश दिया। अब ऐसा नहीं चलेगा। ठोस योजना बने-सही क्रियान्वयन हो। 2016 के पहले जैसी गलती वापस ना हो।

नया काम ...
अभी तक वर्दी का काम वीवीआईपी की सुरक्षा का होता था। लेकिन आज हेलीपेड पर वर्दी के पास सुरक्षा के साथ एक अलग काम भी था। वीवीआईपी के हेलीकाप्टर की सुरक्षा का। कारण ... आज मकर सक्रांति थी। हेलीकाप्टर में चायना डोर ना उलझ जाये। इसलिए वर्दी पहने जवान कटी हुई पतंगों को दौड-दौडकर पकडते रहे।

तनातनी ...
मुख्यमंत्री ने रविवार को आगर रोड पर मल्टी-डिसिप्लिनरी जोनल ट्रेनिंग सेंटर का भूमिपूजन किया। मगर इसके एक दिन पहले शनिवार की शाम को तनातनी हो गई। जब मुख्यमंत्री की गरिमा के हिसाब से कार्यक्रम स्थल तैयार नहीं हुआ था। जिसको लेकर एडीएम अनुकूल जैन ने आपत्ति ली। नतीजा एडीएम और डीआरएम में तनातनी हो गई। हालात इस कदर हो गये कि सांसद अनिल फिरोजिया और विधायक अनिल जैन को बुलाना पड़ा। आखिरकार जिला प्रशासन ने ही पूरी व्यवस्था जुटाई। इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी एसडीएम नगर एलएन गर्ग की थी। जिन्होंने मुख्यमंत्री की गरिमा के अनुकूल व्यवस्था करवाई।

क्षमा ....
हम अपने सभी पाठकों से क्षमा मांगते है। क्योंकि ... हम चुप रहेंगे डॉटकॉम ... पहली दफा नियम तोड़ रहा है। अभी तक पिछले 17 सालों से प्रत्येक सोमवार को ... हम चुप रहेंगे ... साप्ताहिक कॉलम प्रकाशित होता था। लेकिन अब यह कॉलम प्रत्येक मंगलवार को प्रकाशित होगा। पाठकगणों को हुई इस असुविधा के लिए अपुन दिल से क्षमा मांगते है।
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