दावा अष्टधातु का: निविदा में एफआरपी... !

May 30, 2023 - 00:30
Updated: 3 years ago
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उज्जैन। महाकाल लोक में लगी मूर्तियां खंडित होने के बाद बवाल मचा हुआ है। रविवार को तेज तूफान आने के बाद मूर्तियां गिरी थी। जिसके बाद तो प्रदेश और देशभर से भ्रष्टाचार-भ्रष्टाचार की खबरे सामने आने लगी। सोशल मीडिया पर तो भ्रष्टाचार पोस्टो की बाढ आ गई। विरोधियों ने दावा किया। मूर्तियां अष्टधातु की लगनी थी। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि... मूल निविदा में कहीं पर भी मूर्तियां अष्टधातु की लगने का उल्लेख नहीं है।

महाकाल लोक में सप्तऋषियों की मूर्तियां क्या टूटी। तेज तूफान के चलते। विरोधियों को मौका मिल गया। जिसको लेकर हम चुप रहेंगे डॉट-कॉम ने खोजबीन की। तो यह तथ्य सामने आया कि जो दावा कर रहे है, महाकाल लोक में, मूर्तियां अष्टधातु की लगनी थी। उस वक्त उन्हीं की सरकार थी। जब महाकाल लोक लिए मूर्तियों की निविदा निकली थी। तब निविदा में कहीं पर भी अष्टधातु शब्द का उपयोग नहीं किया गया था। बल्कि एफआरपी (देखे चित्र) का ही उल्लेख किया गया था। एफआरपी की 100 मूर्तियां लगनी थी। जिनकी लागत करीब 7 करोड़ से ऊपर थी। जिसके चलते यह चर्चा जोरो पर है कि ... आखिर विरोधी किस आधार पर अष्टधातु मूर्ति का दावा कर रहे है।

19-20 ...

विदित रहे कि मार्च 2019 में मूर्तियों को लेकर निविदा निकली थी। जिसमें एफआरपी का उल्लेख था। सन् 2020 तक इन मूर्तियों को लेकर सामग्री सप्लाई हुई- फिर मूर्तियों को बनाया गया और फिर मूर्तियां स्थापित की गई। जिसके बाद स्टेप बाय स्टेप भुगतान किया गया था। जो मूर्तियां टूटी है। उनकी अनुमानित लागत 50 लाख के करीब है। निविदा निकलने के बाद मूर्तियां बनवाने से लेकर स्थापित करने तक स्मार्ट सिटी सीईओ के पद पर प्रदीप जैन व जितेन्द्रसिंह चौहान पदस्थ थे। बीच में कुछ समय के लिए अंकित अस्थाना भी सीईओ रहे है। जबकि स्मार्ट सिटी ईडी के पद पर इस दौरान ऋषि गर्ग और क्षितिज सिंघल पदस्थ थे।

लापरवाही ...

मूर्ति अष्टधातु की होनी थी। निविदा एफआरपी की थी। यह कागजों में प्रमाणित है। मूर्तियां कब लगी। यह भी सबको पता है। इसके बाद भी लापरवाही तो हुई है। भरोसेमंद सूत्र का कहना है। इन सप्तऋषियों की मूर्तियों को लगाने के बाद ... स्टेंड पर तार या बोल्ट से कसना था। लेकिन इसकी तरफ किसी का भी ध्यान नहीं गया। नतीजा ... तेज हवा के चलते मूर्तियां भरभरा कर गिर गई और खंडित हो गई।

3 दिन में लगेंगी ...

हमारे सूत्र का कहना है कि जो मूर्तियां, हवा के चलते गिरकर खंडित हुई है। उनकी जगह नई मूर्तियां वापस 3 दिन में स्थापित की जायेंगी। जिसको लेकर युद्ध स्तर पर काम जारी है।

फोन नहीं उठाया ...

इधर इस पूरे मामले को लेकर जब स्मार्ट सिटी सीईओ आशीष पाठक को फोन लगाया गया। तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। रात 10:17 तक उनके फोन का इंतजार किया। लेकिन उनका पलटकर फोन नहीं आया।     

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