कुर्सी की जंग ...
हमें वोट डालने से रोका? सुनवाई होगी आज ...!
उज्जैन। जनपद उज्जैन में करारी हार का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। अंदरखाने की खबर है कि जनपद सदस्यों ने न्याय की गुहार लगाई है। माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष। जिसको लेकर आज सुनवाई होगी। भाजपा को उम्मीद है कि 5 अगस्त के प्रथम सम्मेलन के पहले कोई अंतरिम फैसला उनके पक्ष में आ सकता है।
जनपद पंचायत उज्जैन पर कांग्रेस का कब्जा हो चुका है। 12 वोट के आधार पर कांग्रेस ने अध्यक्ष- उपाध्यक्ष दोनों पदो पर कब्जा कर लिया है। लेकिन भाजपा ने अब अपने 13 सदस्यों के माध्यम से एक याचिका दायर की है। जिसका आधार यह है कि ... उनके सदस्यों को वोट नहीं डालने दिया गया। इसी आधार पर याचिका स्वीकार हुई है। जिस पर माननीय उच्च न्यायालय इंदौर द्वारा आज सुनवाई की जायेंगी।
प्रथम सम्मेलन ...
विदित रहे कि आगामी 5 अगस्त को जनपद का प्रथम सम्मेलन आयोजित किया गया है। जिसके लिए 1 अगस्त को जनपद पंचायत कार्यालय द्वारा सभी सदस्यों के नाम पत्र जारी हो चुका है। भाजपा इस सम्मेलन के पहले ही अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को शून्य घोषित करवाना चाहती है। इसी के चलते 4 अगस्त अर्थात आज इस मामले में सुनवाई होने वाली है। अंदरखाने की खबर है कि भाजपा के 9 सदस्यों ने यह गुहार लगाई है कि उनके 4 प्राक्सी वोटरों को अंदर आने से रोका गया। जिसके कारण हम सभी वोट नहीं डाल सके। इसलिए अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव प्रक्रिया को निरस्त किया जाये। सबूत बतौर अंदर हुई वीडियों रिकार्डिंग भी प्रस्तुत की गई है।

महापौर की सलाह ...
भाजपा जिला ग्रामीण को पूरी उम्मीद है कि माननीय न्यायालय उनकी गुहार सुनेगा। इसीलिए याचिका लगाने से पहले इंदौर के महापौर पुष्यमित्र से भी सलाह ली गई। वह अतिरिक्त महाधिवक्ता रह चुके है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि उनके मार्गदर्शन में ही पूरी तैयारी की गई। उनका कानूनी ज्ञान भाजपा उज्जैन के लिए मददगार साबित होगा। भाजपा ग्रामीण तो यही मानकर चल रही है। मगर फैसला आज सुनवाई के बाद होगा।
इनके खिलाफ याचिका ...
भाजपा जनपद सदस्यों ने माननीय न्यायालय में मप्र राज्य निर्वाचन आयोग, जिला निर्वाचन अधिकारी, पीठासीन अधिकारी, एसडीएम जगदीश मेहरा और नवनिर्वाचित जनपद अध्यक्ष विंध्याकुंवर को पार्टी बनाया है।

विदित रहे कि प्राक्सी वोटरों को अनुमति नहीं देने को लेकर, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने उसी दिन धरना दिया था। 27 जुलाई की दोपहर बाद वह जनपद कार्यालय में धरने पर बैठ गये थे। भाजपा ने जमकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। 2 घंटे तक खूब विवाद हुआ था। आखिरकार प्रशासन ने जब नियम विरूद्ध कुछ भी करने से इंकार कर दिया। तब जाकर मामला माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष पहुंच गया है। पिटीशन क्रमांक 17927/ 2022 है। जिसे 13 लोगों ने लगाया है। इसमें से 11-12 और 13 प्राक्सी वोटर है। ताज्जुब की बात यह है कि पिटीशन में निर्वाचित सदस्य राजेश पटेल, शर्मिला जगदीश, अनिता आशीष पंड्या का नाम शामिल नहीं है।
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